रॉ शुगर एक्सपोर्ट रियायत पर आज कैबिनेट की बैठक में फैसला हो सकता है। इससे चीनी की कीमतों को कुछ सपोर्ट मिला है। हालांकि ब्राजील की कंपनियों ने भारत के इस फैसले को डब्ल्यूटीओ नियमों के खिलाफ बताया है। इस बीच चीनी पर फोरकास्ट देने वाली दुनिया की दो बड़ी एजेंसिया इंटरनेशनल शुगर ऑर्गेनाइजेशन और किंग्समैन अगले साल के लिए चीनी पर अपने अनुमानों को लेकर आमने सामने आ गए हैं।
किंग्समैन के मुताबिक अगले सीजन में करीब 20 लाख टन चीनी का सरप्लस स्टॉक रह सकता है। जबकि आईएसओ को खपत के मुकाबले करीब 20 लाख टन चीनी की कमी का अनुमान है। इससे पहले कल बलरामपुर चीनी ने ये कहकर बाजार को सपोर्ट दे दिया कि इस साल देश में मुश्किल से 2.3 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। हालांकि इन सारे हालात में घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता खपत के मुकाबले काफी ज्यादा रहेगी।
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